विद्या भारती (अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान)
नवीन भवन निर्माण की संकल्पना
सन् 2001 में विद्यालय में हायर सेकण्डरी विभाग कक्षा ग्यारहवीं प्रारंभ करने के लिये आवेदन दिया गया तथा कक्षा प्रारंभ की गई । गुलजार भवन के पीछे स्थित विद्यालय भवन वृहद छात्र संख्या के कारण विद्यालय संचालित करना संभव नहीं हो पा रहा था। इसीलिये भूमि क्रय कर विद्यालय का नवीन भवन बनाने की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई । इस हेतु धनराशि प्राप्त करने के लिए वापसी योग्य सहयोग राशि शीर्षक से एक योजना बनी इस योजना के सूत्रधार श्री प्रभाकरराव जी भागवत श्री विष्णुप्रसाद तंवर एवं श्री गोविंद जी रमाणी थे । इस योजना के अंतर्गत सभी अभिभावकों को 1000 रूपये की सहयोग राशि बिना ब्याज के ऋण के रूप में विद्यालय को देनी थी। इस योजना के परिणाम स्वरूप एक बड़ी राशि विद्यालय को प्राप्त हुई ।
नवीन भवन का निर्माण
संचालन समिति के तत्कालीन सदस्य श्री पुरुषोत्तम जी पटेल के प्रयासों से नगर के उत्तर में संकट मोचन हनुमान मंदिर के सामने पाँच एकड़ भूमि 18 लाख 80 हजार रूपये में कृषक श्री लक्ष्मीनारायण पटेल जी से क्रय की गई। इस भूमि पर भवन निर्माण के लिये भूमि पूजन का कार्यक्रम 17 फरवरी 2002 को संपन्न हुआ । इस कार्यक्रम में मध्यक्षेत्र के संगठन मंत्री माननीय श्री यतीन्द्र जी शर्मा उपस्थित थे ।
सन् 2006 में भवन का प्रथम तल बनकर तैयार हुआ । 09 जुलाई 2006 को इस भवन का लोकार्पण कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहसर कार्यवाह माननीय श्री सुरेश जी सोनी, के मुख्य अतिथ्य में संपन्न हुआ।
इस भवन में कक्षा 09 से 12 तक की कक्षाएं सन् 2006-07 में स्थानांतरित की गई । सन् 2008 में भैया बहिनों के आवागमन के लिये तीन बसे क्रय की गई । सन् 2008 तक प्रथम तल जिसमें 11 कक्षा कक्ष एक वंदना कक्ष तथा 04 बड़े सभाकक्ष थे । का निर्माण पूर्ण हुआ।
शिशुवटिका भवन
सन् 2009 में नगर पालिका के स्वामित्व वाला प्राथमिक विद्यालय के सामने वाला भूखंड 2003 से प्रारंभ की गई प्रक्रिया के बाद उच्च न्यायलय के फेसले से समिति को प्राप्त हुआ । इसी भूमि पर पृथक शिशु वाटिका भवन के निर्माण का कार्य प्रगति पर है। वर्ष 2011-12 में प्राथमिक विद्यालय के पाँच पुराने कमरों को तोड़कर शिशु कक्षा के लिये उपयोगी पाँच नए कमरे बनाएं गये ।
स्मार्ट क्लास सिस्टम
सन् 2000 में अत्याधुनिक तकनीकी शिक्षा के उपकरण विद्यालय में लगाने की उददेश्य से एडूकॉम स्मार्ट क्लास विद्यालय के तीन सभा कक्षों में लगाया गया । इन कक्षों के नाम प्रथ्वी,अग्नि, नाग, और त्रिशुल मिशाइलस के नाम पर रखा गया ।
पहुंच मार्ग का निर्माण
सन् 2008-09 में हरदा के पूर्व विधायक एवं पूर्व राजस्व मंत्री माननीय कमल जी पटेल द्वारा हरदा इन्दौर से विद्यालय भवन तक पहुंच मार्ग 800 मीटर सीसी रोड़ का निर्माण किया गया।
कम्प्यूटर प्रयोगशालाएं
प्राथमिक विद्यालय में 21 कम्प्यूटरों से युक्त कम्प्यूटर प्रयोगशाला का निर्माण 08 अगस्त 2001 को किया गया। इसके उद्घाटन कार्यक्रम में हिमांचल प्रदेश के राज्यपाल मान. कप्तानसिंह जी सोलंकी उपस्थित थे । नये भवन में 2014-15 में 40 कम्प्यूटरों से युक्त एक कम्प्यूटर प्रयोगशाला बनाई गई ।
उल्लेखनीय परीक्षा परिणाम
सरस्वती विद्या मंदिर हरदा का नाम जिलाए संभाग और प्रदेश की प्रावीण्य सूचीयों में प्रतिवर्ष आता ही है, परंतु सन् 2005-06 में हाई स्कूल प्रमाण पत्र परीक्षा कक्षा दसवी में एक साथ तीन छात्रों ने मध्यप्रदेश की प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त कर विद्यालय को गौरवान्वित किया। इनके नाम निम्नलिखित है, नीतेशसिंह सिकरवार (चतुर्थ स्थान) राहुल गौर (चतुर्थ स्थान) और मनोज सिंह चौहान (षष्टम स्थान)
सन् 2015-16 में विद्यालय की छात्रा कु. ज्योति विश्नोई ने हायर सेकेण्डरी परीक्षा परिणाम में मध्यप्रदेश की प्रावीण्य सूची में मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर पूरे जिले को गौरवान्वित किया ।